Thu. Jul 11th, 2024

*बिना माइन टैग वाले वाहनों के खनन पट्टा क्षेत्र अथवा भण्डारण स्थल पर 1 जुलाई से प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा*

*सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट अनिवार्य*

*गलत/smudged नम्बर पलेट वाले वाहनों के विरूद्ध होगी कड़ी कार्यवाही*

*पूरे प्रदेश में चल रहा है ,सघन चेकिंग अभियान,हो रहा है औचक निरीक्षण*

*प्रवर्तन कार्यवाही का मकसद, भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टालरेन्स नीति का हो ,शत प्रतिशत पालन*

*ओवरलोडिंग रोककर सड़कों की सुरक्षा के साथ साथ राजस्व में करना है इजाफा*

*-डा०रोशन जैकब*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में उपखनिजों के खनन व परिवहन पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। खनन विभाग द्वारा ठोस व प्रभावी रणनीति बनाकर लगातार प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है। निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश डा. रोशन जैकब ने फर्जी / धुंधले / एक से अधिक नम्बर प्लेट लगाकर उपखनिजों का परिवहन करने वाहनों/लोगों के प्रति बहुत सख्त रूख अख्तियार किया है। पिछले दिनों उप खनिजों के परिवहन की औचक जांच में ऐसे तथ्य प्रकाश में आये हैं। वाहनों में नम्बर प्लेट मिटाकर या उसमे धब्बे बना देना या नम्बर स्पष्ट न दिखने जैसे खेल खेलने वाले मामले भी प्रकाश में आये हैं और अस्पष्ट नम्बर वाले वाहन पकड़ में आये हैं।

खनन निदेशक ने स्पष्ट किया है कि सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट अनिवार्य है। गलत/smudged नम्बर प्लेट लगाकर खनन परिवहन करने वाले वाहनों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। पूरे प्रदेश में सघन चेकिंग अभियान चल रहा है। प्रवर्तन कार्यवाही का मकसद, खनन में ओवरलोडिंग के विरुद्ध ज़ीरो टालरेन्स नीति का शत-प्रतिशत पालन कराना है और ओवरलोडिंग रोककर सड़कों की सुरक्षा के साथ साथ राजस्व में इजाफा करना है।

इस सम्बन्ध में खनन विभाग द्वारा जिलाधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि समय-समय पर खनिजों के परिवहन की जाँच के दौरान पाया गया है कि कुछ वाहनों द्वारा फर्जी / धुंधले / एक से अधिक नम्बर प्लेट लगाकर उपखनिजों का परिवहन करते हैं। भारत सरकार द्वारा सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट अनिवार्य किया गया है। जबकि जाँच के दौरान प्रायः यह देखा गया है कि खनिजों का परिवहन करने वाले कतिपय वाहनों में अभी भी हाई सिक्योरिटि नम्बर प्लेट नही लगाया गया है। इस प्रकार के वाहनों के चेक-गेट से गुजरने के दौरान नम्बर प्लेट सही नही होने के कारण उनकी जाँच नहीं हो पाती है। इसी प्रकार चेक गेट एवं एम०चेक एप के माध्यम से की गयी जाँच में यह भी देखा गया है कि कार्यवाही के उपरान्त भी कई वाहन बार-बार ई.एम.एम.-11 में अंकित मात्रा से अधिक मात्रा में खनिजो का परिवहन कर रहे है। निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में खनिजों के परिवहन से एक ओर जहाँ राजस्व की क्षति होती है, वहीं दूसरी ओर सड़के भी क्षतिग्रस्त होती है। डा जैकब ने ऐसे सभी प्रकरणों में खनन / परिवहन विभाग तथा जिला प्रशासन के समन्वय से सभी विसंगतियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु व्यापक दिशा निर्देश जारी किए हैं।

*केवल हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगे वाहनों से परिवहन*

जिलाधिकारियों को जारी निर्देशो में कहा है कि हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट अब समस्त वाहनों के लिये अनिवार्य है। समस्त पट्टाधारकों को निर्देशित करते हुये यह सुनिश्चित किया जाय कि खनिजों का परिवहन आवश्यक रूप से केवल उन्हीं वाहनों से हो, जिन पर हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगा हो। हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट न होने की स्थिति में वाहनों को खनन पट्टों / भण्डारण स्थल में प्रवेश न दिया जाय।

*गलत/smudged नम्बर पलेट वाले वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही*

निर्देश दिए गए हैं कि गलत / smudged नम्बर प्लेट वाले वाहनों के द्वारा खनिज का परिवहन पाये जाने पर वाहनों को आवश्यक रूप से निरूद्ध किया जाय तथा जनपदीय खान अधिकारी / खान निरीक्षक द्वारा ऐसे वाहनों के परमिट निरस्तीकरण हेतु सहायक संभागीय पविहन अधिकारी को सन्दर्भित किया जाय।

*बार-बार कूटरचित परिवहन प्रपत्र के आधार पर / ओवरलोड परिवहन करने वाले वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही*

यह भी निर्देश दिए गए हैं कि ,ऐसे समस्त वाहन जो बिना वैध परिवहन प्रपत्र / कूटरचित परिवहन प्रपत्र / बिना आई.एस.टी.पी. के अथवा ओवरलोड खनिज का परिवहन करते पाये जाये एवं जिसके ऊपर पूर्व से भी 02 या 02 से अधिक चालान पेन्डिंग है, को आवश्यक रूप से निरूद्ध करते हुये जनपदीय खान अधिकारी / खान निरीक्षक द्वारा ऐसे वाहनों के परमिट निरस्तीकरण हेतु सहायक संभागीय पविहन अधिकारी को सन्दर्भित किया जाय। बिना आई०एस०टी०पी० के खनिज का परिवहन पाये जाने पर वाहन में लदे सम्पूर्ण खनिज को अवैध मानते हुये उस पर रायल्टी, खनिज मूल्य एवं शास्ति की वसूली सुनिश्चित की जाय ।

*आर.एफ.आई.डी. युक्त माइन टैग की अनिवार्यता*

खनिजों के अवैध परिवहन / ओवरलोडिंग की जाँच हेतु खनिजों का परिवहन करने वाले सभी वाहनों में माइन टैग अनिवार्य किया गया है। दिनांक 1 जुलाई 2023 से जिन वाहनों में माइन टैग न लगा हो अथवा माइन टैग Mapped न हो ऐसे वाहनों के लिये अभिवहन प्रपत्र ( ई – एम0एम0-11 / ई-प्रपत्र-सी / आई०एस०टी०पी०) का निर्गमन तथा खनिजों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। बिना माइन टैग वाले वाहनों के खनन पट्टा क्षेत्र अथवा भण्डारण स्थल पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

*ई-चालानों की समीक्षा एवं कार्यवाही*

अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म श्री विपिन कुमार जैन ने बताया कि अवैध परिवहन / ओवरलोडिंग के सम्बन्ध में माइन मित्रा पोर्टल पर इन्टीग्रेटेड माइन सर्विलांस सिस्टम से निर्गत ई-चालान की प्रति परिवहन विभाग को ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होती है। जिन वाहनों के खनिज परिवहन से सम्बन्धित ई-चालान लम्बित हो, परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के फिटनेश / परमिट नवीनीकरण के समय ऐसे चालानों का संज्ञान लेते हुये कार्यवाही की जाएगी तथा इस बिन्दु को जिलाधिकारी अपनी समीक्षा बैठक में शामिल करेंगे.

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