संसद में हंगामा जारी, विरोध के बीच लोकसभा ने केरल नाम और सहकारिता से जुड़े विधेयक पारित किए.
नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध मंगलवार को भी देखने को मिला। विपक्षी सांसदों के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
लोकसभा में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई। केरल के नाम को उसके स्थानीय उच्चारण के अनुरूप ‘केरलम’ किए जाने का प्रस्ताव विधेयक में शामिल है।

वहीं, सहकारिता से जुड़े संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के कामकाज और वित्तीय सहायता के दायरे को विस्तार देना है। सरकार की ओर से कहा गया कि संशोधन के बाद सहकारी क्षेत्र से जुड़ी ऐसी संस्थाओं को भी सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा, जिन्हें मौजूदा व्यवस्था में सीधे वित्तीय मदद नहीं मिल पाती थी।
दूसरी ओर, विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। विरोध के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और दोनों विधेयकों पर विस्तृत बहस नहीं हो सकी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में चर्चा के लिए अवसर उपलब्ध होना चाहिए। सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि गृह मंत्री सदन में अपनी बात रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलना जरूरी है।
मानसून सत्र अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में सरकार की विधायी प्राथमिकताओं और विपक्ष के विरोध के बीच अगले एक-दो दिन संसद की कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



