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हरियाली तीज 2026: 15 अगस्त को सजेगा सुहाग और श्रृंगार का रंग, जानिए पर्व का महत्व

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026

सावन के साथ त्योहारों का रंग भी गहरा हो गया है। इस वर्ष हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। उत्तर भारत में विशेष रूप से लोकप्रिय इस पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह दिखाई दे रहा है। हरे रंग के परिधान, मेहंदी, चूड़ियां, झूले और पारंपरिक गीत हरियाली तीज की पहचान माने जाते हैं। 2026 के त्योहार कैलेंडर में भी 15 अगस्त को हरियाली तीज की तारीख दी गई है।

सावन की हरियाली से जुड़ा है पर्व

हरियाली तीज सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। मानसून के दौरान प्रकृति के हरे-भरे रूप और सुहाग की परंपराओं से इस पर्व का विशेष जुड़ाव है। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा इस दिन का प्रमुख धार्मिक पक्ष है।

इस मौके पर महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनती हैं और मेहंदी तथा चूड़ियों से श्रृंगार करती हैं। कई स्थानों पर झूले लगाए जाते हैं और महिलाएं सामूहिक रूप से लोकगीत भी गाती हैं।

हरे रंग का क्यों है खास महत्व?

हरियाली तीज के साथ हरे रंग को विशेष रूप से जोड़ा जाता है। सावन में चारों ओर दिखाई देने वाली हरियाली को जीवन, उमंग और प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से तीज के अवसर पर हरी साड़ी, हरे सूट, चूड़ियां और अन्य पारंपरिक आभूषणों की मांग बढ़ जाती है।

मेहंदी और पारंपरिक श्रृंगार की तैयारी

तीज से पहले बाजारों में मेहंदी, चूड़ियों, साड़ियों और पारंपरिक आभूषणों की खरीदारी बढ़ जाती है। कई महिलाएं तीज से एक-दो दिन पहले ही मेहंदी लगवाती हैं। नवविवाहित महिलाओं के लिए यह पर्व विशेष उत्साह का अवसर होता है।

परंपरा के अनुसार विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत एवं पूजा करती हैं। अविवाहित महिलाएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से इस पर्व में भाग लेती हैं।

पूजा के साथ खान-पान का भी ध्यान जरूरी

तीज के अवसर पर कई महिलाएं व्रत रखती हैं। ऐसे में लंबे समय तक उपवास करने वालों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पीना, यदि परंपरा में इसकी अनुमति हो, और व्रत खोलते समय अचानक बहुत अधिक तला-भुना भोजन न करना स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर माना जाता है।

सोशल मीडिया पर भी दिखेगा तीज का रंग

आज हरियाली तीज धार्मिक और पारंपरिक पर्व के साथ-साथ Lifestyle और Fashion से भी जुड़ गया है। सोशल मीडिया पर महिलाएं अपने तीज लुक, मेहंदी डिजाइन, साड़ी स्टाइल और पारंपरिक श्रृंगार की तस्वीरें साझा करती हैं। वहीं बाजारों में भी तीज से जुड़े परिधानों और आभूषणों की मांग देखने को मिल रही है।

हरियाली तीज सिर्फ एक व्रत या त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति, पारिवारिक रिश्तों और महिला उत्सव की परंपरा को जोड़ने वाला पर्व है। 15 अगस्त को देश के कई हिस्सों में सावन की हरियाली के बीच तीज का उल्लास देखने को मिलेगा।

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