संसद का मानसून सत्र खत्म, हंगामे और गतिरोध के बीच सरकार-विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026
संसद का मानसून सत्र गुरुवार को हंगामे और राजनीतिक गतिरोध के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी तकरार देखने को मिली।
NEET विवाद समेत कई मुद्दों पर टकराव
मानसून सत्र के दौरान NEET-UG से जुड़े विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बना रहा। विपक्ष लगातार इन मुद्दों पर सदन में चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सरकार की ओर से विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए गए।
सत्र के अंतिम दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से NEET से जुड़े विरोध प्रदर्शन पर चर्चा के लिए सरकार की तैयारी का संकेत दिया गया। हालांकि, चर्चा के तरीके और प्राथमिकताओं को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन सकी और सदन में गतिरोध बना रहा।
लोकसभा की उत्पादकता बेहद कम
संसदीय कामकाज के आंकड़ों ने भी इस सत्र की तस्वीर स्पष्ट की है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 10 अगस्त तक तीन सप्ताह के दौरान लोकसभा की उत्पादकता करीब 16 प्रतिशत रही। हालांकि, यह संसद के इतिहास में सबसे कम उत्पादकता वाला सत्र नहीं था।
कई मौकों पर विपक्षी सांसदों के विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दूसरी ओर, सरकार का कहना रहा कि लगातार व्यवधान के कारण महत्वपूर्ण विधायी और जनहित के विषयों पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो सकी।
सरकार ने बताया अपना विधायी एजेंडा
सत्र में सरकार ने कई विधेयकों को आगे बढ़ाया। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा के बिना विधायी कामकाज आगे बढ़ाया गया। इसको लेकर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बयानबाजी तेज रही।
आगे भी जारी रह सकती है राजनीतिक खींचतान
मानसून सत्र के समाप्त होने के बावजूद सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। NEET विवाद, छात्रों से जुड़े मुद्दे, संसद की कार्यवाही और विधायी प्रक्रिया को लेकर आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस जारी रहने के संकेत हैं।
संसद का यह सत्र एक बार फिर इस सवाल को सामने लेकर आया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सदन में सार्थक चर्चा और विधायी कामकाज को किस तरह सुनिश्चित किया जाए।



